सद्भावना दिवस के रूप में मनाई स्व. रामरतन कोचर की 43वीं पुण्यतिथि

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सद्भावना दिवस के रूप में मनाई स्व. रामरतन कोचर की 43वीं पुण्यतिथि
पत्रकार गुलाब बत्रा को मिला स्व. रामरतन कोचर स्मृति पुरस्कार
एक ट्राइसाइकिल, 11 महिलाओं को सिलाई मशीनें व 37 बच्चों को विद्यालय पौशाक वितरित की गई
बीकानेर। जो अपने पूर्वजों को याद रखते हैं, उनका ही वर्तमान और उनका ही भविष्य होता है। 43 वर्षों बाद भी अपने पिता की स्मृति में हर वर्ष सम्मान समारोह व जरुरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें, बच्चों को विद्यालय पौशाक वितरण करना वाकई संस्कारों को दर्शाता है। यह उद्गार जयपुर विधायक गोपाल शर्मा ने स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामरतन कोचर की 43वीं पुण्यतिथि पर आयोजित सद्भावना दिवस एवं रामरतन कोचर स्मृति पुरस्कार सम्मान समारोह में व्यक्त किए। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि स्व. कोचर न केवल स्वतंत्रता सेनानी रहे बल्कि आजाद भारत में भी शिक्षा व चिकित्सा सहित अनेक क्षेत्रों में विकास हेतु संघर्षरत रहे। उनके द्वारा किए गए कार्य आज मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, खासतौर बीकानेर में वेटरनरी कॉलेज व मेडिकल कॉलेज की स्थापना में भाईजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। डॉ. कल्ला ने कहा कि स्व. कोचर का देश व समाज के प्रति समर्पण जन-जन के लिए प्रेरणादायी है। सुभाषचन्द्र बोस की प्रेरणा को मानने वाले तथा गांधीजी के अनुयायी स्व. कोचर द्वारा बीकानेर में मलेरिया महामारी के समय जरुरतमंदों को दवाइयां देना तथा अनाज की आपूर्ति करवाने का भी सेवा कार्य किया गया। डॉ. कल्ला ने बताया कि स्व. रामरतन कोचर ने अकाल के समय राजस्थान रिलीफ सोसायटी का गठन कर किसानों व ग्रामीणों के लिए तन-मन-धन से कार्य किया तथा यही कारण है कि वे जनमानस में आज भी लोकप्रिय हैं और भाईजी के नाम से जाने जाते हैं। समारोह में विशिष्ट अतिथि रायससिंहनगर विधायक सोहन नायक ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्व. कोचर के संस्कारों की ही देन है कि उनके पुत्र वल्लभ कोचर को भी रायसिंहनगर में भाईजी के रूप में पहचान मिली है। विधायक सोहन नायक ने कहा कि जिस व्यक्ति के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु से आत्मीय संबंध रहे हों वह केवल परिवार के नहीं बल्कि पूरे देश के विकास की बात करते थे।
नोखा रोड कोचर सर्किल पर आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारम्भ जंगम युग प्रधान, वृहद भटारक श्री जिनचंद्र सूरिजी महाराज के शिष्य अमृतसुंदरजी महाराज सा. ने मंगलाचरण से किया। सुमित सागर जी महाराज सा. ने अपने उद्बोधन में कहा कि जैन समाज में स्व. कोचर जैसे विरले पुरुष का जन्म होना गौरव की बात है। वर्षों पहले ही सर्वधर्म समभाव के उद्देश्य से ऊंच-नीच और जात-पात को दरकिनार कर मानवता का पाठ पढ़ाने वाले स्व. कोचर के संस्कार आज उनके पुत्रों व परिवारजनों में भी दिख रहे हैं।
इससे पूर्व श्रद्धा व सुगन महनोत तथा काव्या व यशिका कोचर ने मंचासीन कलाकारों का तिलक लगाना स्वागत किया। धर्मचंद जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया और मैग्न कोचर ने स्वागत गीत एवं प्रार्थनाओं की प्रेरणा दी। विशिष्ट विशिष्ट पत्रकार गुलाब बत्रा का 21,000/- रु. रिस्पॉन्सिव राशि, शॉल, साफा, श्रीफल रिवाइवी लेटर जर्क द्वारा आमंत्रित किया गया एवं स्व. रामरत्न कोचर स्मारक समिति के संतोष जैन ने पत्र वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन सरोजोहा कोचर, स्क्रीनशॉट कोचर व सुमित कोचर ने किया। आगन्तुकों का झुंड वल्लभ कोचर एवं विजय कोचर द्वारा व्यक्त किया गया। रिक्रूट का स्वागत जयचंदलाल डागा, शांतिलाल सांड, बसंत नौलखा, जैन लूणकर्ण छाजेड़, मेघराज बोथरा, चंपालाल डागा, मित्रलाल बोथरा, रामनिवास गोदारा, मोहन सुराणा, भगवतीप्रसाद पारीक, जानकीनारायण श्रीमाली ने किया। कार्यक्रम में सनातन मेहरदीन को ट्राइसाइकिल प्रदान किया गया और 11 प्लांट की महिलाओं को सिया मशीन और 37 बच्चों को स्कूल की पौशाक दुकान की ओर से दिया गया।
कार्यक्रम में तुलसीआचार्य शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष गणेशमल बोथरा, विनोद सेठिया, सुरेंद्र खजांची, संदीप चौरध्याय, अयामी भारती, संजय बन्धी, मनोज सेठिया, इसरार हसन कादरी, प्रेम बेनीवाल, कैलाश मंडा, कालूराम सिंह, साबिर मोहम्मद, भंवरलाल बडुजर, चौरूलाल नायक, राजाराम सोनी, मनमल सेठिया, पानालाल मानौत, जतन संचेती, राहुल कोचर, राहुल सेठिया, प्रकाश पुगलिया, अजय सेठिया, मनोज चौधरी, जयदीप जावा, मैक्स नायक, शर्मिला पंचारिया, समी बारुपाल, अना डोटासरा, रामरतन बिश्नोई, जयकिशन ग्रैख, जुगल सोमानी, मषेश बार ध्यान, निर्मल पारख, विष्णु चौधरी, शांतिलाल कोचर, सहीराम बिश्नोई, धनसुख ओझा, गौतम बच्छावत, गुलाम मुस्तफा, सुरसुरा गोल्हा, हनुमान बिस्सा, सुंदर बनिवाल, सुमित बिस्सा, केके खत्री, किशोर बांठिया, अशोक गुप्ता, देवकिशन राजकुमार, विमल चौरध्याय, चंद्रप्रकाश सियाग, पाबूराम नायक, देवकिशन कस्वा, नरेश नायक, राकेश मेघवाल, कैलाश घोष, बलराम नायक, राजकुमार राजकुमार, श्रीलाल सारस्वत, सुरमा डागा, विष्णु चौधरी, आसुराम कच्छावा, राजकुमार खड़गावत, शिवराम झाझरिया, राजेंद्र चौधरी और श्री सिपानी सैगटन सहित।

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